श्रद्धा जहाँ पूर्ण हो – वहीं से आरंभ होता है समाधान || वैदिक अनुष्ठानों के अग्रणी – पं. प्रदीप शर्मा जी माँ बगलामुखी धाम, नलखेड़ा की पावन भूमि से जुड़े पं. प्रदीप शर्मा जी का आध्यात्मिक जीवन श्रद्धा, साधना और सेवा का प्रतीक है। वर्षों के अनुभव के साथ वे भक्तों की समस्याओं का समाधान वैदिक विधियों एवं सिद्ध अनुष्ठानों द्वारा करते आ रहे हैं। माँ बगलामुखी अनुष्ठान, बगलामुखी हवन एवं विशेष यज्ञ, शत्रु बाधा निवारण पूजा, विजय प्राप्ति अनुष्ठान, कोर्ट केस विजय पूजन, वशीकरण एवं स्तंभन साधना, तंत्र बाधा निवारण हवन, विशेष पीतांबरा पूजा तथा मनोकामना पूर्ति अनुष्ठान जैसे पावन कार्यों में विशेष दक्षता रखते हैं। पूर्ण वैदिक विधि, अनुभव और आस्था के संगम के साथ वे हर समस्या का समाधान केवल पूजा नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा के माध्यम से प्रदान करते हैं। अब समय है अपनी समस्याओं को शांति और सफलता में बदलने का - संपर्क करें और आध्यात्मिक समाधान पाएं।
Call Now Book Nowदेवी बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं, जो दस ब्रह्मांडीय शक्तियों से जुड़ी देवियों का एक समूह है. उन्हें 'बुरी शक्तियों का नाश करने वाली' के रूप में जाना जाता है और नकारात्मक प्रभावों और काले जादू से रक्षा के लिए उनका आह्वान किया जाता है.
बगलामुखी देवी का प्राकट्य स्थल गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में माना जाता है. ऐसा कहा जाता है कि वे हल्दी के रंग के जल से प्रकट हुई थीं.
हल्दी के समान पीले रंग के कारण इन्हें पीताम्बरा देवी भी कहा जाता है. पीताम्बरा का अर्थ है, वह देवी जो पीले या सुनहरे रंग से संबंधित हो. देवी बगलामुखी को आमतौर पर पीले मुख और सुनहरे रंग के साथ दर्शाया जाता है.
उनकी तीन आंखें और दस भुजाएं हैं, जिनमें वे विभिन्न प्रकार के अस्त्र-शस्त्र धारण करती हैं. उन्हें आमतौर पर किसी राक्षस या मानव आकृति पर खड़ा दिखाया जाता है, जो नकारात्मक शक्तियों के विनाश का प्रतीक है. यदि आप नकारात्मक ऊर्जाओं से सुरक्षा चाहते हैं, तो आपको मां बगलामुखी का आह्वान करना चाहिए.